रैपिडो का लाइसेंस बहाल, भारत टैक्सी की मोनोपली ब्रेक
सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़
ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी-कम-अपीलेट अथॉरिटी दीप्रवा लाकड़ा ने एग्रीगेटर कंपनी रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज (रैपिडो) के निलंबित लाइसेंस को तुरंत प्रभाव से बहाल कर दिया है। इससे कंपनी से जुड़े 30,000 से ज्यादा ड्राइवरों की आजीविका फिर पटरी पर लौटेगी। हालांकि, प्रशासन ने कंपनी को 2 महीने के लिए ‘अंडर ऑब्जर्वेशन’ रखा है, ताकि वह चंडीगढ़ मोटर व्हीकल एग्रीगेटर रूल्स, 2025 का कड़ाई से पालन करे। इस मुद्दे पर सांसद मनीष तिवारी ने प्रशासन के रुख पर सवाल उठाए थे। रैपिडो के लौटने से मार्केट में थोड़ा कंपीटिशन दिखेगा और भारत टैक्सी के मनमाने किराये पर लगाम लगेगी।
एसटीए के आरोप बनाम रैपिडो की दलीलें
एसटीए के आरोप… किराया दरों का उल्लंघनः नियम 14 (3) के तहत निर्धारित प्राइस बैंड से अधिक किराया वसूलना।
रैपिडो का पक्ष… SaaS मॉडलः कंपनी 500 रुपए की एकमुश्त फीस लेती है, जो 10,000 रुपए की कमाई तक मान्य रहती है। एसटीए के आरोप… लोकल ऑफिस बंद होनाः नियम 5(2) के तहत रजिस्टर्ड
ऑफिस चालू नहीं पाया गया। रैपिडो का पक्ष… ऑफिस शिफ्टिंगः
8 सितंबरः उल्लंघन पर रैपिडो का
लाइसेंस 6 माह के लिए सस्पेंड। 29 सितंबरः कंपनी ने अपीलेट अथॉरिटी के समक्ष अपील की।
8-13 अक्टूबरः दोनों पक्षों की सुनवाई।
ऑफिस बंद नहीं था, बल्कि सेक्टर 32डी से सेक्टर 33डी शिफ्ट किया था, जिसकी जानकारी दी गई थी। एसटीए के आरोप… नॉन-कमर्शियल वाहनः नियम 16 का उल्लंघन कर निजी वाहनों को सर्विस में जोड़ना। रैपिडो का पक्ष व दलीलें… सख्त सजा व आजीविकाः 10 दिन से 6 महीने तक के सस्पेंशन के प्रावधान में सीधे अधिकतम सजा दी गई, जिससे 30 हजार ड्राइवरों की आजीविका ठप हुई।
सस्पेंशन से बहाली तक…
फैसलाः पहली बार उल्लंघन पर 6 महीने का सस्पेंशन अत्यधिक सख्त। सस्पेंशन के 45 दिन पूरे होने और नियमों के कड़ाई से पालन के आश्वासन पर इसे बहाल किया।
भारत टैक्सी की मोनोपली और महंगे किराये से मिलेगी राहत
प्रशासन द्वारा ओला, उबर, इन-ड्राइव और रैपिडो जैसी कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड किए जाने के बाद चंडीगढ़ में केवल ‘भारत टैक्सी’ ही एकमात्र विकल्प बचा था। इस मोनोपोली के कारण यात्रियों को जहां पहले 150 रुपए देने पड़ते थे, वहीं भारत टैक्सी में 230 रुपए या उससे अधिक किराया चुकाना पड़ रहा था। बाइक टैक्सी बंदः सस्ते सफर का
जरिया बाइक टैक्सी सेवा पूरी तरह ठप हो गई थी।
ड्राइवरों पर जुर्मानाः सस्पेंशन के दौरान राइड बुक करने पर ड्राइवरों के 10,000 रुपए तक के चालान काटे जा रहे थे


