Breaking News
पंजाब: दो मौजूदा और एक पूर्व विधायक आज बीजेपी में होंगे शामिल दिल्ली: इंडिया ब्लॉक के नेता, जिनमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, केसी वेणुगोपाल और दूसरे लोग शामिल हैं आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु और दिल्ली के सभी भाइयों-बहनों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। “कुछ लोग इतिहास रचने के लिए पैदा होते हैं…”: मनीषा भानवाला ने ऐतिहासिक वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप गोल्ड पर अपनी राय दी #ManishaBhanwala #Gold #WorldWrestlingChampionships बिहार में शिक्षकों के जींस-टीशर्ट पहनने पर बैन, शिक्षा विभाग के फैसले का शिक्षकों ने किया स्वागत, #BiharNews #TeacherDressCode #EducationNews बिहार में बड़ा सियासी खेला! बिहार में दो निर्दलीय MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी बीजेपी में शामिल हो गए हैं #BiharNews #BiharMLC #BiharPolitics #biharnewstoday #biharnewsupdate #biharnewslive #BJP4Bihar #MLCElection #MLC #samratchoudhary पंजाब विधानसभा चुनाव: आम आदमी पार्टी ने जारी की 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

करवाचौथ व्रत वीरवार को, रात 8:08 बजे होगा चांद का दीदार

करवाचौथ व्रत वीरवार को, रात 8:08 बजे होगा चांद का दीदार

उद्यापन पर संशय, शुक्र की स्थिति बनी वजह

सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना से जुड़ा करवाचौथ का पावन पर्व इस बार वीरवार को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर शहर के बाजारों में श्रृंगार सामग्री, पूजा की थालियों और करवा की खरीदारी तेज हो गई है। चंडीगढ़ में इस बार चंद्रोदय रात 8:08 बजे होने का अनुमान है, जिसके बाद महिलाएं अर्घ्य देकर व्रत खोलेंगी।

 

हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर समय में एक-दो मिनट का अंतर आ सकता है। महिलाएं दोपहर 3 बजे के बाद से चंद्रोदय से पहले तक पूजा कर सकेंगी। दूसरी ओर, इस बार करवाचौथ के उद्यापन को लेकर महिलाओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शुक्र ग्रह 28 अक्टूबर को सुबह 3:15 बजे उदय होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के तहत उदय होने के बाद 3 दिन तक शुक्र बाल्यावस्था में रहता है, जिस दौरान किसी भी व्रत का उद्यापन

वर्जित माना जाता है। ऐसे में जिन महिलाओं के लिए पहला, तीसरा, पांचवां या सातवां करवाचौथ उद्यापन का अवसर है, उन्हें परंपरा और पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।

उद्यापन को लेकर क्या कहते हैं नियम…

 

अस्त या बाल्यावस्था में रोकः खेड़ा शिव मंदिर के पुजारी पंडित सुभाष चंद शर्मा के अनुसार, अधिक मास होने, बृहस्पति या शुक्र के अस्त होने अथवा बाल्यावस्था की स्थिति में व्रत का उद्यापन नहीं किया जाता। मायके से आती है सामग्री: उद्यापन के अवसर पर लड़की के मायके से श्रृंगार का सामान, वस्त्र, बर्तन, मिठाई और फल भेजे जाने की परंपरा है। कुछ परिवारों में महिलाएं मायके जाकर भी उद्यापन करती हैं।

 

परंपरा अनुसार निर्णय की सलाह: 28 अक्टूबर को शुक्र उदय के बाद तीन दिन तक बाल्यावस्था की मान्यता प्रभावी रहने के कारण ज्योतिषाचार्यों से परामर्श लेकर ही उद्यापन करने की सलाह दी जा रही है।

 

Leave a Comment

और पढ़ें