चंबा बस हादसे में नीलमा की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसकी चार बेटियां गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं। पांच साल की प्रियंका अपनी मां को ढूंढ रही है।

तीसा (चंबा)। मेरी मां कहां है, मेरी मां को बुला दो…अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी पांच साल की मासूम प्रियंका बार-बार रोते हुए अपनी मां को ही ढूंढ रही थी। वह बार-बार डाक्टरों और आसपास खड़े लोगों से यही सवाल कर रही थी, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस मां के आंचल को वह तलाश रही है, वह उसे अब इस दुनिया में कभी नहीं मिल सकेगी। न ही उसकी मां अब उसे कभी सीने से लगाकर दुलार कर पाएगी।
शनिवार सुबह बैरागढ़-तीसा-चंबा मार्ग पर चलूंज मोड़ के पास हुए खौफनाक बस हादसे ने 39 वर्षीय नीलमा के परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है। नीलमा शनिवार सुबह ससुराल देवीकोठी से मायके झज्जाकोठी जाने के लिए निकली थी।
मायके में शादी समारोह
मायके में रिश्तेदारी में शादी का समारोह था और घर में उत्सव का माहौल था। नीलमा अपनी चार नन्हीं बेटियों कविता (11 वर्ष), नेहा (10 वर्ष), प्रियंका (5 वर्ष) और हर्षिता (4 वर्ष) को नए कपड़े पहनाकर हंसते-खिलखिलाते हुए सुबह बस में सवार हुई थी। लेकिन किसे मालूम था कि खुशियों भरे शादी समारोह में पहुंचने से पहले ही काल चलूंज मोड़ पर उनका रास्ता रोककर खड़ा है। यहां बस के अनियंत्रित होकर नीचे गिरते ही खुशियां पलक झपकते चीख-पुकार में बदल गईं।



