6 अगस्त को थाने पहुंची मां.. 7 अगस्त को घर लौटी बेटी.. IG विकास वैभव ने 3 पुलिसकर्मी को किया सस्पेंड

गया: बिहार के गया में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को थाने पर लाने और फिर छोड़ देने के मामले में मगध आईजी विकास वैभव ने बड़ी कार्रवाई की है. मगध आईजी ने इस गंभीर मामले की जांच के बाद थानाध्यक्ष, प्रभारी थानाध्यक्ष और दारोगा को सस्पेंड कर दिया है. सभी को लाइन क्लोज किया गया है.

मगध आईजी का बड़ा एक्शन: इस मामले को लेकर मगध आईजी विकास वैभव ने जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष, प्रभारी थानाध्यक्ष और दारोगा को सस्पेंड कर दिया है. वहीं, मगध आईजी ने सख्त हिदायत दी है कि गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, विधिक प्रक्रिया की अनदेखी या प्राथमिकी दर्ज करने में अनावश्यक विलंब को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा.

मां ने की थी शिकायत- विकास वैभव : इस संबंध में मगध आईजी के हवाले से बताया गया है कि बीते 10 अगस्त को एक महिला द्वारा आवेदन समर्पित किया गया था, जिसमें बताया गया था, कि उसकी नाबालिग पुत्री 6 अगस्त को करीब घर से बाजार के लिए निकली थी. लेकिन देर शाम तक वह नहीं लौटी. परिजनों को द्वारा काफी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल रहा था.

‘अगले दिन रोते हुए बच्ची लौटी घर’: विकास वैभव ने आगे बताया कि 7 अगस्त को पंचानपुर थाना में इस संबंध में लिखित आवेदन दिया गया. इस बीच आवेदिका की पुत्री अचानक रोते हुए घर आई. वह काफी डरी -सहमी हुई थी. पूछताछ के बाद नाबालिग लड़की ने बताया कि उसके साथ दुष्कर्म की घटना की गई है. दुष्कर्म की घटना के आरोपित का नाम नीरज कुमार बताया.

“इस मामले को लेकर पंचानपुर थाने में लिखित शिकायत हुई. वही, पंचानपुर थानाध्यक्ष ने 8 अगस्त को आरोपित नीरज कुमार को उसकी दुकान से उठाकर थाने पर लाया. लेकिन 9 अगस्त यानी अगले दिन पैसे लेकर आरोपित नीरज कुमार को थाने से छोड़ दिया गया. आरोपित को छोड़े जाने के बाद आवेदिका की पुत्री की मानसिक हालत ठीक नहीं थी और पूरा परिवार डर के माहौल में आ गया था.”- विकास वैभव, आईजी, मगध प्रक्षेत्र, गया

पुलिस की लापरवाही उजागर: इस मामले को लेकर आवेदिका ने आईजी कार्यालय में गुहार लगाई थी. आईजी मगध विकास वैभव ने इस गंभीर मामले की जांच कराई. उपलब्ध जांच प्रतिवेदन एवं अभिलेखों में प्रथम दृष्टतया यह सामने आया कि इतने गंभीर आरोपों से संबंधित सूचना प्राप्त होने के बावजूद न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही किसी प्रकार की विधिसम्मत कार्रवाई की गई.

मगध आईजी ने आगे बताया कि वरीय अधिकारी को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई. यह भी सामने आया कि आरोपित को थाने पर लाने की बात की प्रविष्टि भी नहीं की गई. थाने पर लाकर उसे छोड़ने की बात का भी थाने के दैनिक प्रविष्टी में जिक्र नहीं किया गया.

विभागीय कार्रवाई भी शुरू: उपलब्धि साक्ष्य सामग्री के आधार पर प्रथम दृष्टतया सामने आया कि संबंधित व्यक्ति को निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का अनुपालन किए बिना तथा वरिय अधिकारी को समुचित सूचना दिए बिना ही थाने पर रात भर रखने के बाद पैसे लेकर उसे छोड़ दिया गया. इस प्रकार के गंभीर आरोपों से संबंधित मामले में तत्परता, विधि सम्मत कार्रवाई का पालन नहीं किया जाना, अत्यंत गंभीर एवं आपत्तिजनक है.

थानेदार-प्रभारी थानेदार और दारोगा सस्पेंड: उपलब्ध तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टतया गंभीर मामला पाए जाने के बाद पंचानपुर थानाध्यक्ष पद्माकर उपाध्याय, प्रभारी थाना अध्यक्ष नगीना उरांव और सहायक एवं निरीक्षक संतोष कुमार तीनों पंचानपुर थाना पदस्थापित को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. उनके विरुद्ध विभागीय के कार्रवाई प्रारंभ करने का आदेश दिया गया है. निलंबित अवधि में तीनों को गया पुलिस लाइन क्लोज किया गया है.

“नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित थाने पर लाने और फिर छोड़ देने के मामले की जांच कराई गई. जांच रिपोर्ट के बाद इस गंभीर मामले में लापरवाही बरतने और विधि सम्मत कार्रवाई नहीं करने को लेकर पंचानपुर थानाध्यक्ष, प्रभारी थानाध्यक्ष और सहायक अवर निरीक्षक को सस्पेंड किया गया है. इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है. दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”- विकास वैभव, आईजी, मगध प्रक्षेत्र, गया

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