‘हमारे घर लक्ष्मी आई है’, बेटी के जन्म पर परिवार ने किया कमाल का स्वागत, तस्वीर बनी चर्चा का विषय
daughter birth celebration: गोपालगंज सदर अस्पताल में बेटी के जन्म के बाद एक परिवार ने अनोखे अंदाज में उसका स्वागत किया. मशानथाना गांव के गुलशन कुमार और उर्मिला देवी की नवजात बेटी को घर ले जाने के लिए कार को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया.परिवार ने बेटी को लक्ष्मी का रूप बताया और उसके जन्म को उत्सव की तरह मनाया. सिविल सर्जन डॉ. मोहम्मद इजराइल ने भी परिवार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं है.

गोपालगंज: बेटी के जन्म की खुशी में एक परिवार ने ऐसा स्वागत किया कि अस्पताल में मौजूद हर किसी का ध्यान उनकी ओर चला गया. गोपालगंज सदर अस्पताल से एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है. इसमें एक कार रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजी नजर आई. इसी कार से परिवार अपनी नवजात बेटी को अस्पताल से खुशी-खुशी घर लेकर रवाना हुआ. परिवार ने बेटी के जन्म को उत्सव की तरह मनाया. परिवार का कहना है कि उनके घर पहली बार लक्ष्मी का आगमन हुआ है. इसलिए बेटी के स्वागत में कोई कमी नहीं रखी गई.
उर्मिला देवी के घर बेटी ने जन्म
दरअसल, मशानथाना गांव के रहने वाले गुलशन कुमार और उनकी पत्नी उर्मिला देवी के घर बेटी ने जन्म लिया है. बच्ची के जन्म से पूरा परिवार खुश है. प्रसव के बाद जब परिवार नवजात बच्ची को लेकर सदर अस्पताल से बाहर निकला, तो उनकी कार देखकर लोगों की नजर ठहर गई. कार को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया था. परिवार ने बेटी के स्वागत के लिए खास तैयारी की थी. परिवार के लोगों ने बताया कि बेटी के जन्म की खुशी उनके लिए बहुत खास है. घर में पहली बार बेटी का आगमन हुआ है. इसलिए उन्होंने बच्ची को आम तरीके से घर ले जाने के बजाय खास अंदाज में उसका स्वागत करने का फैसला किया. परिवार ने बेटी को लक्ष्मी का रूप बताया. उन्होंने कहा कि बेटी के आने से घर में खुशियां आई हैं.
दरअसल, मशानथाना गांव के रहने वाले गुलशन कुमार और उनकी पत्नी उर्मिला देवी के घर बेटी ने जन्म लिया है. बच्ची के जन्म से पूरा परिवार खुश है. प्रसव के बाद जब परिवार नवजात बच्ची को लेकर सदर अस्पताल से बाहर निकला, तो उनकी कार देखकर लोगों की नजर ठहर गई. कार को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया था. परिवार ने बेटी के स्वागत के लिए खास तैयारी की थी. परिवार के लोगों ने बताया कि बेटी के जन्म की खुशी उनके लिए बहुत खास है. घर में पहली बार बेटी का आगमन हुआ है. इसलिए उन्होंने बच्ची को आम तरीके से घर ले जाने के बजाय खास अंदाज में उसका स्वागत करने का फैसला किया. परिवार ने बेटी को लक्ष्मी का रूप बताया. उन्होंने कहा कि बेटी के आने से घर में खुशियां आई हैं.
बच्ची को लेकर परिजन उत्साहित
अस्पताल से निकलते समय परिवार के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही थी. नवजात बच्ची को लेकर परिजन उत्साहित दिखे. गुब्बारों से सजी कार ने अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों का भी ध्यान खींचा. कई लोगों ने परिवार की इस पहल की सराहना की. इस मौके पर गोपालगंज के सिविल सर्जन डॉ. मोहम्मद इजराइल ने भी परिवार की पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी में किसी तरह का फर्क नहीं होना चाहिए. दोनों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए. समाज को अब पुरानी सोच से ऊपर उठने की जरूरत है.
अस्पताल से निकलते समय परिवार के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही थी. नवजात बच्ची को लेकर परिजन उत्साहित दिखे. गुब्बारों से सजी कार ने अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों का भी ध्यान खींचा. कई लोगों ने परिवार की इस पहल की सराहना की. इस मौके पर गोपालगंज के सिविल सर्जन डॉ. मोहम्मद इजराइल ने भी परिवार की पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी में किसी तरह का फर्क नहीं होना चाहिए. दोनों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए. समाज को अब पुरानी सोच से ऊपर उठने की जरूरत है.
समाज के लिए अच्छा संदेश
सिविल सर्जन ने कहा कि बेटी के जन्म को लेकर परिवार की यह खुशी समाज के लिए अच्छा संदेश है. बेटियों को बोझ समझने की सोच को बदलना जरूरी है. जब बेटी का जन्म हो, तब परिवार को उसी तरह खुशी मनानी चाहिए, जैसे बेटे के जन्म पर मनाई जाती है. उन्होंने सरकारी अस्पतालों को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि लोगों का सरकारी अस्पतालों के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है. बड़ी संख्या में महिलाएं प्रसव के लिए सदर अस्पताल पहुंच रही हैं. अस्पताल में महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही है. बेटी के स्वागत की यह तस्वीर अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.
सिविल सर्जन ने कहा कि बेटी के जन्म को लेकर परिवार की यह खुशी समाज के लिए अच्छा संदेश है. बेटियों को बोझ समझने की सोच को बदलना जरूरी है. जब बेटी का जन्म हो, तब परिवार को उसी तरह खुशी मनानी चाहिए, जैसे बेटे के जन्म पर मनाई जाती है. उन्होंने सरकारी अस्पतालों को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि लोगों का सरकारी अस्पतालों के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है. बड़ी संख्या में महिलाएं प्रसव के लिए सदर अस्पताल पहुंच रही हैं. अस्पताल में महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही है. बेटी के स्वागत की यह तस्वीर अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.



