भागलपुर की शिक्षिका निवेदिता को मिलेगा राजकीय शिक्षक पुरस्कार, 100% नामांकन और शून्य ड्रॉपआउट का कमाल

भागलपुर की शिक्षिका निवेदिता को मिलेगा राजकीय शिक्षक पुरस्कार, 100% नामांकन और शून्य ड्रॉपआउट का कमाल

भागलपुर। State Teacher Award 2026: जिस ग्रामीण व वंचित परिवेश के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को नियमित स्कूल लाना और बीच में पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकना सबसे बड़ी चुनौती माना जाता था, वहां एक शिक्षिका के दृढ़ संकल्प और नवाचार ने पूरी तस्वीर बदल दी।

 

घर-घर जाकर अभिभावकों की काउंसलिंग, बच्चों के लिए आत्मीय व भयमुक्त वातावरण, खेल-खेल में पढ़ाई और लोककला को शिक्षा का माध्यम बनाकर उन्होंने विद्यालय में शत-प्रतिशत नामांकन और शून्य ड्रॉपआउट की मिसाल कायम की है। शिक्षा के प्रति इसी अप्रतिम समर्पण और नवाचार को अब राज्य स्तर पर सर्वोच्च सम्मान मिलने जा रहा है।

जिले के कहलगांव प्रखंड अंतर्गत नव प्राथमिक विद्यालय हरिजन टोला, कलगीगंज में पदस्थापित प्राथमिक शिक्षिका निवेदिता को ‘राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया जाएगा।

 

वर्ष 2014 से शिक्षण सेवा से जुड़ीं निवेदिता का स्पष्ट मानना है कि शिक्षक की भूमिका सिर्फ किताबों के पन्ने पलटने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को गतिविधियों, हस्तकला और व्यावहारिक अनुभवों के जरिए सिखाने का मॉडल तैयार किया।

मंजूषा-मधुबनी कला और बागवानी से रोचक बनी क्लासरूम

निवेदिता ने अंग क्षेत्र की प्रसिद्ध मंजूषा कला और मिथिला की मधुबनी पेंटिंग को बच्चों की नियमित सीखने की प्रक्रिया (Art-Integrated Learning) से जोड़ा। इससे न सिर्फ बच्चों में एकाग्रता और रचनात्मकता बढ़ी, बल्कि स्कूल आने के प्रति उनका आकर्षण भी बढ़ गया। इसके साथ ही उन्होंने रचनात्मक लेखन और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए स्कूली परिसर में ‘किड्स गार्डनिंग’ जैसी अनूठी पहल शुरू की, जिससे विद्यालय के प्रति बच्चों का जुड़ाव गहरा होता चला गया।

 

बिहार दिवस पर राज्य स्तर पर कर चुकी हैं प्रतिनिधित्व

निवेदिता की रचनात्मक कार्यशैली को राज्य स्तर पर भी लगातार सराहा गया है। राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय ‘बिहार दिवस 2026’ समारोह में उन्हें मॉडल स्कूल आर्ट क्लासरूम के संचालन और मूर्तिकला प्रशिक्षण देने के लिए राज्य कार्यक्रम अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से चुना गया था, जहां उन्हें उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र मिला। इससे पूर्व वर्ष 2025 के बिहार दिवस समारोह में भी शिक्षा, कला और छात्र मार्गदर्शन के क्षेत्र में उनके योगदान को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया गया था।

 

कहलगांव प्रखंड के नव प्राथमिक विद्यालय हरिजन टोला, कलगीगंज की शिक्षिका निवेदिता का राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयन

 

घर-घर संपर्क और स्नेहमयी वातावरण से हासिल किया शत-प्रतिशत नामांकन और ‘शून्य ड्रॉपआउट’ का बड़ा लक्ष्य

 

पारंपरिक मंजूषा व मधुबनी कला को पढ़ाई से जोड़ा; रचनात्मक लेखन और बागवानी से कक्षाओं को बनाया जीवंत

 

पटना के गांधी मैदान में ‘बिहार दिवस’ पर मॉडल आर्ट क्लासरूम संचालन से लेकर ‘चहक’ मास्टर ट्रेनर तक निभा चुकी हैं अहम भूमिका

 

‘चहक’ की मास्टर ट्रेनर और बालिका सशक्तीकरण की संवाहक

बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) के तहत संचालित ‘स्कूल रेडिनेस मॉड्यूल: चहक’ में निवेदिता ने जिलास्तरीय पांच दिवसीय कार्यशाला में बतौर मुख्य मास्टर ट्रेनर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। शिक्षा विभाग के विभिन्न शैक्षणिक अभियानों में वह जिला और प्रखंड स्तर पर प्रमुख साधन सेवी (Key Resource Person) के रूप में सक्रिय रही हैं।

 

इसके अलावा, वंचित वर्ग की किशोरियों को मुख्यधारा में लाने के लिए उन्होंने एनटीपीसी कहलगांव के ‘बालिका सशक्तीकरण मिशन’ (GEM) समर कैंप में भी मेंटर की महती भूमिका निभाई। उल्लेखनीय सेवाओं के लिए उन्हें भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी द्वारा प्रशस्ति पत्र तथा शिक्षा विभाग की ओर से ‘टीचर ऑफ द मंथ’ का सम्मान भी मिल चुका है।

 

अंतिम पायदान के बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना ही धर्म

अपनी इस उपलब्धि पर शिक्षिका निवेदिता कहती हैं कि शिक्षक का असली धर्म हर बच्चे के भीतर छिपी नैसर्गिक प्रतिभा को पहचानना और उसे तराशना है। उनका मुख्य ध्येय समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित वर्ग के बच्चों को संवेदनशील, आधुनिक और कला-समेकित शिक्षा देकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

 

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