Samastipur Case News: समस्तीपुर जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छह घंटे में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. यह घटना जगतसिंहपुर गांव के एक बांध के पास हुई थी, जहां लड़के के भाग जाने के बाद आरोपियों ने लड़की के साथ दुर्व्यवहार किया. पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है.

बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसमें एक नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है. यह घटना करीब एक हफ्ते पहले की बताई जा रही है, जो कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव स्थित एक बांध के पास हुई थी
वीडियो वायरल होते ही समस्तीपुर पुलिस हरकत में आ गई और मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी. जांच में घटनास्थल की पहचान होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिर्फ छह घंटे के भीतर सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
जानकारी के अनुसार, एक नाबालिग लड़का और लड़की बाइक से बांध पर पहुंचे थे और वहां आपस में बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें घेर लिया. लड़के के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद वह मौके से भाग निकला. लड़के के जाने के बाद आरोपियों ने नाबालिग लड़की के साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया.
वायरल वीडियो में लड़की लगातार इसका विरोध करती दिख रही है, लेकिन आरोपी नहीं माने. आरोप है कि युवकों ने लड़की से बार-बार उसका पता पूछा और जब उसने अपने साथ आए युवक को भाई बताया, तब भी उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. घटना के दौरान मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया.
पुलिस के मुताबिक, वीडियो में दिख रही पीड़िता प्रथम दृष्टया नाबालिग लगती है. इस आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में कर्पूरीग्राम थाने में कांड संख्या 117/26 दर्ज किया है. सदर डीएसपी दुर्गेश दीपक और एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में गिरफ्तार चारों आरोपी हैं राहुल कुमार, अवधेश पासवान, विकास कुमार और रामबाबू सहनी, जो सभी जगतसिंहपुर और आसपास के गांवों के रहने वाले हैं. पुलिस का कहना है कि आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
इस पूरे मामले में समस्तीपुर पुलिस ने मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स से खास अपील भी की है. पुलिस ने साफ कहा है कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला या उसे मानसिक और सामाजिक नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी पोस्ट या कंटेंट शेयर न करें. पुलिस ने यह भी याद दिलाया कि ऐसा कंटेंट शेयर करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए सभी लोग सावधानी बरतें.



