जमुई: बिहार के जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के आनंदपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय के दर्जनों छात्राएं गुरुवार को अपनी पढ़ाई बचाने की गुहार लेकर जिला समाहरणालय पहुंचे. छात्र-छात्राएं मेन गेट के सामने जमीन पर बैठ गए और प्लस टू हाई स्कूल का संचालन उनके गांव में ही किया जाय, इसकी मांग की.

समाहरणालय के गेट पर छात्रों का प्रदर्शन : शिक्षा विभाग ने आनंदपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय को जिस गांव में शिफ्ट किया है, वो स्कूल 10 से 12 किलोमीटर दूर है. ग्रामीणों का कहना है कि ”जिला शिक्षा पदाधिकारी धनंजय कुमार पासवान ने पहले आदेश दिया था कि स्कूल का संचालन आनंदपुर गांव में ही होगा. आदेश मिलने के बाद छात्र आनंदपुर विद्यालय पहुंचने लगे.”
”इन बच्चों को बहुत परेशानी हो रही है. 10-12 दिन से बच्चे स्कूल में है. परीक्षा का 6 महीना बचा हुआ है. इन लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. इन्हें कहा गया कि आप लोगों को आनंदपुर में पढ़ाएंगे, लेकिन वहां कोई टीचर पढ़ाने नहीं आते है.” – राज आर्यण, ग्रामीण

गांव में ही स्कूल चाहते हैं छात्र-छात्राएं: वहीं बच्चों का कहना है कि ”शिक्षकों ने भी जल्द पढ़ाई शुरू कराने का आश्वासन दिया, लेकिन नियमित कक्षाएं शुरू नहीं हुईं. हम लोग रोज विद्यालय पहुंचते रहे, जबकि अधिकांश समय शिक्षक नहीं आए.”
इधर, ग्रामीणों के कहने पर छात्र-छात्राएं पूरे दिन विद्यालय में बैठे रहते, लेकिन पढ़ाई नहीं हो पाती. इस बीच पहले के आदेश को रद्द कर बसमता गांव के मध्य विद्यालय भवन में कर दिया गया, जिससे ग्रामीण और छात्र नाराज है.
क्या था नए आदेश में? : शिक्षा विभाग की ओर से नए आदेश में बताया गया कि ”विद्यालय की जमीन पर टाइटल सूट का मामला लंबित है. जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा), उप प्रबंधक तकनीकी बीएसईआईडीसी तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी लक्ष्मीपुर की समिति गठित की गई है. जांच पूरी होने और भवन निर्माण कार्य समाप्त होने तक विद्यालय का संचालन फिर से बसमता के मध्य विद्यालय भवन में करने का निर्देश दिया गया.”

DM सर! स्कूल शुरू करवा दीजिए : लगातार बदलते आदेशों ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है. छात्रा पूजा कुमारी का कहना है कि ”कभी बसमता जाने को कहा जाता है तो कभी आनंदपुर बुला लिया जाता है. इसलिए डीएम सर से गुहार लगाने यहां पहुंचे है कि आप हमारी पढ़ाई शुरू करवा दीजिए. परीक्षा में अब लगभग छह महीने का समय बचा है, हम लोगों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है.’
आनंदपुर में स्कूल संचालन की अपील : बच्चों ने आरोप लगाया कि ”अधिकारी जांच के नाम पर बसमता तक ही जाते हैं, जबकि आनंदपुर विद्यालय की वास्तविक स्थिति देखने कोई नहीं पहुंचता



