वीज़ा बालाजी मंदिर (Chilkur Balaji Temple) की कहानी

भारत में कई ऐसे प्राचीन और चमत्कारी मंदिर हैं, जिनकी मान्यताएं दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। ऐसा ही एक बेहद अनोखा मंदिर तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में उस्मान सागर झील के पास स्थित है। इसे आम बोलचाल में ‘वीज़ा बालाजी मंदिर’ या ‘चिलकुर बालाजी मंदिर’ कहा जाता है।
यहाँ भगवान श्री वेंकटेश्वर (बालाजी) की पूजा की जाती है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ विदेशों में नौकरी या पढ़ाई का सपना देखने वाले लोग अपना पासपोर्ट लेकर मन्नत मांगने आते हैं।
मंदिर से जुड़ी खास बातें और मान्यताएं
* पासपोर्ट रखकर मन्नत: जिन लोगों का वीज़ा बार-बार रिजेक्ट हो जाता है या जिन्हें विदेश जाने में अड़चनें आती हैं, वे इस मंदिर में आते हैं। यहाँ भगवान के चरणों में अपना पासपोर्ट रखकर वीज़ा मिलने की अर्जी (प्रार्थना) लगाई जाती है।
* परिक्रमा की अनूठी विधि:
* इस मंदिर में वीज़ा पाने की एक खास प्रक्रिया है।
* सबसे पहले भक्तों को मंदिर के अंदर 11 बार परिक्रमा करनी होती है।
* इसके बाद, जब भक्तों की मनोकामना (वीज़ा) पूरी हो जाती है, तो वे दोबारा आते हैं और भगवान का आभार जताते हुए 108 बार परिक्रमा पूरी करते हैं।
* कोई वीआईपी लाइन या दानपेटी नहीं: इस मंदिर की एक और बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ कोई वीआईपी दर्शन की व्यवस्था नहीं है और न ही मंदिर के अंदर कोई दानपेटी (हुंडी) है। यहाँ तक कि मंदिर के पुजारी भी सरकार या किसी ट्रस्ट के अधीन वेतन नहीं लेते हैं।
क्या यह सिर्फ एक धर्म के लिए है?
नहीं, इस मंदिर की लोकप्रियता का एक मुख्य कारण यह है कि यहाँ बिना किसी भेदभाव के विभिन्न धर्मों और जातियों के लोग आते हैं। वीज़ा कैंडिडेट्स चाहे किसी भी धर्म के हों, वे अपनी आस्था के साथ यहाँ अपना पासपोर्ट लेकर पहुँचते हैं।



